हिमाचल प्रदेश में कई दिनों की भारी बारिश के कारण जल प्रलय की स्थिति पैदा हो गई है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के चलते मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग और 87 अन्य सड़कें बंद हो गई हैं। अगले तीन दिनों तक मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है, और मौसम विभाग ने 7 और 8 अगस्त के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

पुलिस और प्रशासन की तैयारियाँ
हिमाचल प्रदेश पुलिस के अनुसार, भारी बारिश के चलते चंद्रभागा नदी का जल स्तर बढ़ गया है। लाहौल और स्पीति जिले में दो स्थानों पर अचानक बाढ़ आ गई है। जिंग जिंगबार के पास मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग 3 पर पानी और मलबा जमा हो गया है, जिससे दारचा और सरचू पुलिस चेक पोस्ट पर यातायात रोक दिया गया है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) राजमार्ग से मलबा हटाने में जुटा हुआ है।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने प्रदेश के कांगड़ा, हमीरपुर और चांबा जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है और पूरे प्रदेश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य के अन्य भागों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तराखंड में रेस्क्यू ऑपरेशन
उत्तराखंड में केदारनाथ धाम और उसके रास्ते में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का कार्य तेजी से जारी है। सोमवार को 1,401 लोगों का रेस्क्यू किया गया, जिसमें एमआई-17, चिनूक सहित अन्य हेलिकॉप्टरों से 645 लोग और पैदल मार्ग से 584 लोग निकाले गए। पिछले पांच दिनों में 11,775 यात्रियों का रेस्क्यू किया जा चुका है।
गुजरात में भी भारी बारिश
गुजरात के नवसारी और वलसाड जिलों में भारी बारिश हो रही है, जिससे कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। इन इलाकों से 1,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। नवसारी जिले के खेरगाम तालुका में सोमवार सुबह छह बजे तक 24 घंटे में 229 मिमी बारिश दर्ज की गई है। वलसाड जिले में औरंग नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
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