केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को राज्यसभा में सदन का नेता नियुक्त किया गया है। वह पीयूष गोयल की जगह लेंगे, जो हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र से निर्वाचित हुए हैं। गोयल ने आज लोकसभा सदस्य के तौर पर शपथ ली। नड्डा के पास केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और उर्वरक व रसायन मंत्रालय का जिम्मा भी है। राज्यसभा की वेबसाइट पर भी नड्डा का नाम बतौर सदन का नेता अपडेट कर दिया गया है।

एबीवीपी से शुरू हुआ सियासी सफर

नड्डा ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से की थी। 1991 में वे भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के अध्यक्ष बने। भाजपा अध्यक्ष के रूप में उनका कार्यकाल जनवरी 2024 में खत्म हो गया था, लेकिन आम चुनाव के चलते उन्हें छह महीने का विस्तार दिया गया था, जो अब जून में समाप्त हो रहा है।

मोदी सरकार में नड्डा की भूमिका

2012 में नड्डा राज्यसभा के लिए चुने गए। 2014 में अमित शाह के पार्टी अध्यक्ष बनने पर उन्हें भाजपा संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री रहे। 2019 में उन्हें भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष का जिम्मा सौंपा गया और 2020 में अमित शाह के केंद्रीय गृह मंत्री बनने पर वे पार्टी के पूर्ण अध्यक्ष बने। मोदी 3.0 सरकार में नड्डा को दोबारा स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ-साथ रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय भी सौंपा गया है।

कांग्रेस ने दी नड्डा को बधाई

कांग्रेस ने नड्डा को राज्यसभा में सदन का नेता बनने पर बधाई दी है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “जेपी नड्डा जी को राज्यसभा में सदन के नेता के रूप में नामित किए जाने पर बधाई। जैसा कि वेंकैया नायडू (पूर्व उपराष्ट्रपति एवं उच्च सदन के पूर्व सभापति) ने कहा था – यदि सदन के नेता समायोजित कर सकते हैं, तो विपक्ष सहयोग कर सकता है।”


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