पंजाब पुलिस ने मंगलवार को हाटा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव से सामूहिक दुष्कर्म के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। ये गिरफ्तारी लुधियाना जिले के टिब्बा थाने में दर्ज सामूहिक दुष्कर्म के मामले में की गई थी। टिब्बा थाने के उपनिरीक्षक अमरजीत सिंह और श्याम सिंह ने अपनी टीम के साथ हाटा पुलिस की सहायता से इन आरोपियों को पकड़ा। हालांकि, इस दौरान पुलिस की लापरवाही के चलते आरोपी पुलिस कस्टडी से फरार हो गए।

आरोपियों की गिरफ्तारी और फरारी का घटनाक्रम
हाटा कोतवाली क्षेत्र के थरुआडीह गांव के चार लोगों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज था। इनमें से दो आरोपी, बीरेंद्र और रविंद्र, को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जबकि अन्य दो आरोपी फरार थे। गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस कस्टडी में देने के बाद कागजी कार्रवाई पूरी की जा रही थी। इस दौरान एक महिला और एक पुरुष आरोपियों से मिलने के लिए अंदर गए। पहरा पर तैनात पुलिसकर्मी ने बिना किसी जांच के उन्हें अंदर जाने दिया। मुलाकात के बाद जब महिला और पुरुष बाहर निकले, तो उनके साथ आरोपी भी बाहर निकल गए, और पुलिसकर्मी को इसका कोई ध्यान नहीं रहा।
पंजाब पुलिस की प्रतिक्रिया और स्थानीय पुलिस की कार्रवाई
कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद, जब पंजाब पुलिस ने आरोपियों को लेकर जाने की तैयारी की, तब उन्हें पता चला कि आरोपी फरार हो चुके हैं। इस घटना की जानकारी पंजाब पुलिस ने अपने उच्चाधिकारियों को दी और हाटा कोतवाली पुलिस को इसकी सूचना दी गई। हाटा पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश शुरू की, लेकिन देर शाम तक उनका कोई सुराग नहीं मिला।
पूछताछ और आरोपियों की तलाश
पंजाब पुलिस देर रात तक हाटा कोतवाली में रही और आरोपियों से मिलने आए महिला और पुरुष को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। कसया सीओ कुंदन सिंह ने बताया कि इस मामले को गंभीरता से लिया गया है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों को तैनात किया गया है।
यह घटना पुलिस की लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण है, जिसने गंभीर आरोपों के तहत गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों को फरार होने का मौका दिया। हाटा पुलिस और पंजाब पुलिस के लिए यह मामला अब चुनौती बन गया है, और उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
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