हाटा : हाटा सीएचसी की ओपीडी में चार महिला दलालों को पकड़कर पुलिस थाने ले गई, जिससे अस्पताल में मौजूद दलाल और मेडिकल स्टोर संचालक भाग खड़े हुए। इनमें से एक महिला आशा कार्यकर्ता है, जबकि बाकी तीन महिलाएं भी खुद को आशा कार्यकर्ता बताकर मरीजों को निजी अस्पतालों में पहुंचाती थीं। सीएचसी अधीक्षक की शिकायत पर पुलिस सीएचसी पहुंची थी।

hata chc

हाटा सीएचसी में कई महिलाएं खुद को आशा कार्यकर्ता बताकर ओपीडी में घूमती रहती हैं। ये महिलाएं मरीजों को जल्दी जांच कराने या बेहतर इलाज का झांसा देकर निजी अस्पतालों में पहुंचा देती हैं। कुछ दिन पहले, जब डीएम उमेश मिश्रा सीएचसी पहुंचे थे, तो उन्होंने दलालों की सक्रियता देखकर नाराजगी जाहिर की थी और सीएमओ तथा सीएचसी अधीक्षक को फटकार लगाई थी। इसके बाद सीएचसी अधीक्षक ने दलालों की निगरानी बढ़ा दी थी।

बताया जाता है कि हाटा सीएचसी अधीक्षक कई दिनों से अस्पताल में सक्रिय महिला दलालों की पहचान सीसीटीवी फुटेज की मदद से कर रहे थे। शनिवार को उन्होंने पुलिस को सूचना देने के बाद मुख्य गेट बंद करवा दिया। कुछ देर बाद, महिला सिपाहियों के साथ पुलिसकर्मी पहुंचे और चारों महिला दलालों को पकड़ लिया। इससे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और मेडिकल स्टोर से दवा बिकवाने वाले दलाल भाग खड़े हुए।

पुलिस की पूछताछ में पता चला कि पकड़ी गई चारों महिलाओं में से एक आशा कार्यकर्ता है, जबकि तीन महिलाएं खुद को आशा कार्यकर्ता बताकर मरीजों को निजी अस्पताल में पहुंचाने का काम कर रही थीं। कोतवाल राज प्रकाश सिंह ने बताया कि सीएचसी अधीक्षक की मौखिक शिकायत पर महिलाओं को थाने लाया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। तहरीर मिलने के बाद साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।


इस घटना ने अस्पताल में दलालों की सक्रियता और मरीजों के साथ हो रहे धोखाधड़ी की समस्या को उजागर कर दिया है। अधिकारियों को इस पर कठोर कदम उठाने की जरूरत है ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।


Discover more from Hata Times (हिन्दी न्यूज़ पोर्टल)

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *