पडरौना : शासन ने राशन लेने में होने वाले गड़बड़झाले पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। इस दिशा में बड़ा निर्णय लेते हुए शासन ने जीएसटी देने वाले दस हजार लोगों का नाम राशन कार्ड से काटने का निर्णय लिया है। जिला पूर्ति कार्यालय को शासन से भेजी गई सूची में इसका खुलासा हुआ है। यह सूची सभी ब्लॉकों में भेज दी गई है और बीडीओ (खंड विकास अधिकारी) जांच कर इसकी रिपोर्ट देंगे।

जांच में तेजी लाने के निर्देश
जिला पूर्ति अधिकारी ने सभी बीडीओ को पत्र लिखकर जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, अभी किसी ब्लॉक से जांच रिपोर्ट नहीं आई है। शासन की ओर से मिली इस सूची में पाया गया है कि जिले के करीब दस हजार ऐसे लोग हैं जो जीएसटी दाखिल करते हैं और उनके नाम पर हर महीने राशन भी उठ रहा है। यह स्पष्ट रूप से अपात्र लोगों द्वारा राशन लेने का मामला है।
घर-घर जाकर होगी जांच
जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि यह सूची सभी बीडीओ को भेज दी गई है और बीडीओ घर-घर जाकर इसकी जांच करेंगे। अगर किसी को आपत्ति होती है तो उसकी भी बात सुनी जाएगी और साक्ष्य लिया जाएगा। इस प्रक्रिया के दौरान कोई भी योग्य व्यक्ति राशन से वंचित न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा।
केवाईसी के दौरान पकड़ में आ रहे अपात्र
केवाईसी कराने के दौरान भी अपात्र लोगों की पहचान हो रही है। कोटेदार द्वारा केवाईसी अपडेट कराने के दौरान अंगूठा लगाते ही मशीन पूरा ब्योरा बता दे रही है। जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि जीएसटी दाखिल करने वाले करीब दस हजार लोग हैं। इनका नाम राशन कार्ड से काटा जाएगा। बीडीओ जांच कर इसकी रिपोर्ट देंगे।
निराश्रित पेंशन लेने वाली महिलाएं भी प्रभावित
इसके अलावा, निराश्रित पेंशन लेने वाली करीब तीन हजार महिलाएं भी राशन लेने से वंचित हो सकती हैं। ऐसी महिलाओं को भी चिह्नित किया गया है और उनका नाम भी राशन कार्ड से काटा जाएगा। शासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य अपात्र लोगों को राशन प्रणाली से बाहर करना है ताकि योग्य और जरूरतमंद लोगों को ही इसका लाभ मिल सके।
अपात्रों पर शिकंजा कसने की कोशिश
शासन ने यह कदम उठाकर अपात्र लोगों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अब अपात्र लोग कागजों में हेराफेरी कर राशन नहीं ले सकते हैं। शासन की इस सख्त कार्रवाई से उम्मीद की जा रही है कि राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और केवल योग्य और जरूरतमंद लोगों को ही राशन मिलेगा।
जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि इस कार्यवाही के लिए सभी ब्लॉकों को सूची भेज दी गई है और बीडीओ को जल्द से जल्द जांच पूरी कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, अभी किसी ब्लॉक से रिपोर्ट नहीं आई है, लेकिन जल्द ही सभी जांच पूरी कर रिपोर्ट जमा की जाएगी।
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