सुकरौली में स्थित संत पुष्पा इंटर कॉलेज ने बुधवार को हाईस्कूल और इंटर के सौ से अधिक विद्यार्थियों को पढ़ाई में कमजोर बताकर उनका नामांकन निरस्त कर उन्हें टीसी दे दी। कॉलेज प्रशासन के इस निर्णय से अभिभावकों में नाराजगी है। उनका कहना है कि उनके बच्चे कक्षा नर्सरी से अब तक इसी विद्यालय में पढ़े हैं, फिर भी कमजोर कैसे हो गए। कुछ अभिभावकों ने सीएम पोर्टल पर शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।

संत पुष्पा इंटर कॉलेज फोटो: साभार गूगल मैप्स

अभिभावकों की नाराजगी

अभिभावकों का कहना है कि कक्षा दसवीं और 12वीं के विद्यार्थियों का नामांकन दूसरे विद्यालय में नहीं हो पाएगा, जिससे उनका शैक्षिक सत्र बर्बाद हो जाएगा।

अभिभावकों के बयान

  • विजय प्रताप यादव का कहना है, “मेरे बेटे प्रतीक यादव का नामांकन 11 वर्ष पहले एलकेजी में हुआ था और अब वह 12वीं में है। बुधवार को उसका नामांकन निरस्त कर टीसी दे दी गई। विद्यालय के शिक्षकों ने बताया कि वह पढ़ाई में कमजोर है। दस वर्षों तक स्कूल में पढ़ाई करने के बाद भी वो कमजोर कैसे हो गया?”
  • सुरेश गुप्ता ने कहा, “मेरा बेटा राजनाथ कक्षा एक से ही इस स्कूल में पढ़ रहा है और अब वह 10वीं में है। बुधवार को उसका नामांकन निरस्त कर दिया गया। महंगी शुल्क और किताबें लेने के बाद भी यदि छात्र कमजोर है, तो विद्यालय की भी जिम्मेदारी होनी चाहिए।”
  • पप्पू गुप्ता ने बताया, “मेरा बेटा धनंजय कक्षा-छह से इस स्कूल में पढ़ रहा है और अब 11वीं में है। विद्यालय के इस निर्णय से वह अवसाद में आ गया है।”
  • रविंद्र का कहना है, “मेरा बेटा उदय ने 8वीं कक्षा में नामांकन के लिए स्कूल की टेस्ट परीक्षा पास की थी और अब नौवीं में उसे कमजोर बताकर नामांकन रद्द कर दिया गया है।”

विद्यालय का पक्ष

विद्यालय के व्यवस्थापक राममिलन का कहना है, “अभिभावकों की तरफ से लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। बहुत विद्यार्थियों ने स्वयं विद्यालय छोड़ा है।”

जिला शिक्षा अधिकारी का बयान

डीआईओएस रविंद्र सिंह ने कहा, “इस तरह की शिकायत अभी कार्यालय को नहीं मिली है। यदि अभिभावकों की तरफ से शिकायतें मिलती हैं, तो उसकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”


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