रोडवेज बसों के चालक और परिचालक अक्सर अनाधिकृत रूप से पार्सल और सामान पहुंचाने के चक्कर में यात्रियों को लेट कर देते हैं। इसके चलते कई बार यात्रियों की ट्रेन छूट जाती है या वे अपने निर्धारित समय पर नहीं पहुंच पाते हैं, जिससे उनका आवश्यक कार्य भी नहीं हो पाता। इस मनमानी को लेकर यात्रियों में काफी नाराजगी है, लेकिन शिकायतों के बावजूद विभागीय अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं लेते।

रोडवेज बसों में चालक और परिचालकों की इस मनमानी से यात्रियों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। निर्धारित स्थानों पर बसें नहीं रुकतीं, और कुछ पैसों के लालच में जगह-जगह पार्सल देने के लिए बसें रोकी जाती हैं। इसके चलते यात्री देरी से अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं।
क्या कहते हैं यात्री
कसया से गोरखपुर जा रहे रामकृपाल ने बताया कि बस जगह-जगह रुक रही थी, जिससे गर्मी में परेशानी हो रही थी और सीट से अधिक सवारियां भी बस में थीं। इस तरह चालकों की मनमानी से यात्रियों को दिक्कतें हो रही हैं।
मथौली क्षेत्र के अर्जुन ने बताया कि वह जिला मुख्यालय रविंद्र नगर में एक निजी विभाग में कार्यरत हैं। हाटा से प्रतिदिन रोडवेज बस से आते-जाते हैं, लेकिन कई बार ऑफिस पहुंचने में देर हो जाती है। गोरखपुर से पार्सल और पैकेट लेकर आते हैं, और उन्हें देने के लिए कई बार बस भड़कुलवा चौराहा, हेतिमपुर या कुशीनगर में रोक दी जाती है। बस तब तक आगे नहीं बढ़ती जब तक पार्सल लेने वाला व्यक्ति नहीं आ जाता।
सुकरौली क्षेत्र के हिमांशु ने बताया कि रोडवेज चालकों की वजह से उनकी ट्रेन छूट गई थी। लखनऊ जाने के लिए उन्होंने रोडवेज बस पकड़ी थी, लेकिन बस सोनबरसा में 20 मिनट रुक गई। पार्सल लेने वाला व्यक्ति समय पर नहीं पहुंचा था और चालक उसे बार-बार फोन कर रहा था। पार्सल लेने के बाद ही बस रवाना हुई, जिससे कई यात्रियों ने नाराजगी जताई थी।
रोडवेज विभाग के एआरएम का बयान
रोडवेज विभाग के एआरएम राकेश कुमार ने कहा कि पार्सल ले जाना अवैध है। ऐसी शिकायत मिलने पर चालक और कंडक्टर के खिलाफ कार्रवाई होगी। किसी यात्री को परेशानी हो तो वह शिकायत कर सकता है।
Discover more from Hata Times (हिन्दी न्यूज़ पोर्टल)
Subscribe to get the latest posts sent to your email.