जटहां बाजार थाना क्षेत्र के कंठी छपरा गांव में पांच दिनों से तेंदुए की धमक से लोग दहशत में हैं। दो दिन पहले वन विभाग ने गांव में पिंजरा लगाया था, लेकिन पिंजरे में बांधने के लिए गांव वाले अपनी बकरी देने को तैयार नहीं थे। गांव वालों और वनकर्मियों के बीच इसको लेकर रविवार को पूरे दिन माथापच्ची होती रही।

देर शाम को वनकर्मियों ने आपसी सहयोग से 2600 रुपये में गांव के एक व्यक्ति से बकरी खरीदकर पिंजरे में बांध दी। तेंदुए की तलाश में वन विभाग की टीम ने गांव में कांबिंग की। जमुआन टोले के पास बगीचे में लोगों ने तेंदुए को देखा था।
बुधवार की सुबह लोगों ने तेंदुए और उसके दो शावकों को देखा था। सूचना मिलने पर अगले दिन रेंजर सत्येंद्र सिंह गांव पहुंचे और कांबिंग के बाद लोगों को सतर्क रहने की अपील की। हालांकि, तीन दिनों में तेंदुए ने पांच बकरियों का शिकार कर लिया था। गांव के लोग प्रतिदिन कहीं न कहीं तेंदुए को देख लेते हैं। रविवार की दोपहर को गांव के जमुआन के पास बगीचे में तेंदुए को देखकर लोगों ने शोर मचाया।
शुक्रवार की शाम को तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पिंजरा रखवा दिया था, लेकिन जब तीसरे दिन भी किसी ने बकरी नहीं दी, तो वनकर्मियों ने आपसी सहयोग से बकरी खरीदकर पिंजरे में बंद कर दिया। रविवार की शाम को वन दरोगा रामध्यान पांडेय टीम के साथ पहुंचे और तेंदुए की तलाश में कांबिंग की।
वन दरोगा रामध्यान पांडेय ने बताया कि दो दिन इंतजार के बाद गांव वाले बकरी नहीं दे पाए, इसलिए आपसी सहयोग से बकरी खरीदकर पिंजरे में बांधा गया। गांव वालों को सतर्क रहने को कहा गया है। तेंदुआ दिखने की सूचना पर शाम को फिर से कांबिंग की गई।
मुख्य बातें:
- कंठी छपरा गांव में तेंदुए की दहशत
- वन विभाग ने पिंजरा लगाया, बकरी खरीदकर बांधी
- रेंजर सत्येंद्र सिंह ने गांववालों को सतर्क रहने की अपील की
- तेंदुए ने तीन दिनों में पांच बकरियों का शिकार किया
- वन दरोगा रामध्यान पांडेय ने टीम के साथ कांबिंग की
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